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Brahma kumaris Mehsana

Practical form of Shrimad Bhagavad Gita by Usha Didi

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“सामाजिक क्षेत्र में देखें तो हर घर में शकुनी है। आज के युग में मोबाइल एक शकुनी है।”

दिनांक 26 से 30 दिसम्बर 2023, महेसाना में आयाजित श्रीमद् भगवद् गीता का व्यावहारिक स्वरूप पांच दिवसीय व्याखान के अंतर्गत पहले दिन के व्याख्यान में उक्त उद्गार व्यक्त किये आंतरराष्ट्रीय मोटीवेशनल स्पीकर बी.के. उषा जी ने। ‘अर्जून का विशाद योगः वर्तमान समय में भटका हुआ मानव’ विषय पर आगे उन्होंने कहा कि “ श्रीमद् भगवद् गीता को मानवता का शास्त्र कहा जाता है। उसमें जीवन जीने की कला है। उसको माता की उपमा भी दी जाती है। वह माँ बानकर हमो अमृतपान कराती है। जिससे आज के भटके हुए मनुष्य के अंदर दिव्य संस्कार पनपने लगते है। गीता सर्व शास्त्र शिरोमणी है क्योंकि इस्लाम धर्म में जेहाद शब्द का प्रयोग हुआ है। उसमें अच्छाई की बुराई पर युद्ध की बात आती है तो महात्मा बुद्ध ने लोगों को मूर्ति पूजा प्रति खिंच कर कर्म ही धर्म है ऐसा कहा। जिस भवगद् गीता में अहिंसा, अनाशक्त वृत्ति की धारण की बातें की है उसको जैन धर्म ने अपने दर्शन शास्त्र में बताया है। हरेक ने जो बातें योग्य लगी वह गीता में से ले कर अपने धर्म शस्त्र में कहा है”

            “हरेक मनुष्य की मनःस्थिति , पारिवारिक, राष्ट्रीय, वैश्विक स्थिति का समाधान गीता में मिलता है। मनुष्य जीवन में संघर्ष, युद्ध कर रहा है। संघर्ष करते-करते जब वह थक जाता है तब वह भगवान को कहता है कि यह युद्ध कब तक? अब मैं युद्ध करना नहीं चाहता। गीता में वह तत्व है कि जब अर्जुन भी ऐसी ही युद्ध करने पर निरुत्साहित हो जाता है तब सिर्फ कम समय में ही भगवान के द्वारा दिये गये गीता ज्ञान से प्रेरित होकर युद्ध के लिए तैयार हो जाता है। सामाजिक क्षेत्र में देखें तो हर घर में एक शकुनी है। आज के युग में माबाईल एक शकुनी है। श्रीमद् भगवद् गीता मनुष्य मन के विश एवं मोह से बाहर लाकर योगयुक्त बनाता है।”

            “पाण्डव अर्थात् भगवान से प्रीत बुद्धि एंव कौरव अर्थातद्व भगवान से विप्रीत बुद्धि। जीवन में सफलता का आधार सच्ची पसंदगी है। अगल गलत चीज की पसंदगी की तो हार निश्चत है। युधिष्ठिर अर्थात् युद्ध जैसी परिस्थिति में भी स्थिर बुद्घि, भीम अर्थात् आत्म शक्ति से भरपूर, अर्जून अर्थात् ज्ञान अर्जीत करने वाला, सहदेव अर्थात हमेंशा सहयोग देने वाला, नकुल अर्थातद्व श्रेष्ठ कुल वाला, दुर्योधन अर्थात् बुद्धि धन का दुरूपयोग करने वाला। यह महाभारत का ही समय चल रहा है। क्योंकि पाण्डव के गुण वाले मनुष्य बहुत थोडे है। जबकि कौरव के गुण वाले मनुष्य करोडों है।”

            इस पांच दिवसीय व्याख्यान को दीप प्रजवलीत कर मंगल उद्घाटन भी किया गया। महेसाणा उपक्षेत्रिय संचालिका आदरणीय राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सरला दीदी ने सभी का शब्दों से स्वागत किया। जस्टिस बी.एन. कारिया साहब, निवृत्त जज, गुजरात हाई कोर्ट, अहमदाबाद, मुकेश भाई पटेल, विधायक, महेसाणा, परम पूज्य संत श्री दास बापू, परम पूज्य संत श्री सदाराम बापु आश्रम, टोटाणा ने अपनी शुभकामनाएं व्यक्त की। ब्रह्माकुमारीज़ महेसाना की सुवर्ण जयंती का समापन अवसर पर इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। ब्रह्माकुमारीज़ महेसान उपक्षेत्र की मुख्य बहनें भी इस अवसर पर मंचासीन थे। साथ-साथ महेसाना के धार्मिक, राजकीय, सामाजिक, मेडिकल, व्यापार, उद्योग, न्याय, शिक्षा, अधिकारी जैसे विभिन्न क्षेत्रों से 85 जितने गण मान्य विशिष्ठ महानुभावों ने भी दीप प्रज्वलन में अपना साथ दिया। 2200 आत्माओं ने इस व्याख्यान का रसपान किया। कुमारिकाओं ने स्वागत नृत्य पेश कर सब को आध्यात्मिक भाव से विभोर कर दिया।

            इस कार्यक्रम के पूर्व एक दिन पहले दिनांक 25/12/2023 के दिन महेसाना शहर में एक भव्य शोभायात्रा भी निकाली गई। महेसाना जिला पंचायत प्रमुख तृषा बहन पी पटेल, डॉ. मिहीर भाई एन. पटेल, प्रमुख, महेसणा नगर पालिका, महेसाणा उपक्षेत्रिय संचालिका आदरणीय राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सरला दीदी एवं आदरणीय राजयोगिनी कुसुम दीदी ने शिव ध्वज एवं हरी झण्डी दिखाकर रामजी मंदिर, परा से प्रस्थान करवाया। जो महेसाना के मुख्य मार्गों से पैदल निकलती हुई कार्यक्रम स्थान पर सम्पन्न हुई। जिस में रथ पर सवार कृष्ण अर्जून की झांखी मुख्य आकर्षण का केन्द्र थी। लगभग 300 जितने श्वेत वस्त्रधारी निर्व्यसनी राजयोगी बी.के. भाई-बहनों ने बैंड-बाजा के साथ पैदल चलते हुए पूरे शहर कार्यक्रम का प्रचार करते हुए में आध्यात्मिक माहोल खड़ा कर दिया।

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Mehsana – Ralisana (Visnagar) पवित्र जीवन यात्रा महोत्सव

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पवित्र जीवन यात्रा महोत्सव – 2025 अंतर्गत

मेहसाणा सब ज़ोन के पूरी धारणाओं में चलने वाले माता, अधर कुमार, कुमार, कुमारियों का

सम्मान समारोह

“ऐसे बच्चों को देख भगवान भी आपके आगे नतमस्तक होते हैं – वाह मेरे बच्चे वाह। आपने तो ब्राह्मण कुल का कितना नाम रोशन कर दिया! आप बाबा के सिर्फ लाडले बच्चे ही नहीं बल्कि दिल तख्तनशीन बच्चे हो। और जो दिल तख्तनशीन है वह विश्व तख्त नशीन भी जरूर होगा – यह बाबा का वरदान है।” अपना जीवन पवित्र बनाने वाली माताएं, अधर कुमार, कुमार और कुमारियों के लिए आयोजित सम्मान समारोह में उपस्थित 1500 स्वर्ण ताजधारीओं के सामने उक्त उद्गार व्यक्त करते हुए ब्र.कु. शीलू दीदी जी ने आगे कहा कि भगवान को ऐसे पवित्र योगी बच्चे चाहिए जो भगवान को विश्व परिवर्तन में साथ दें।

नयन रम्य वातावरण में, खेतों के बीच स्थित ‘एन्जल पार्क’ (रालीसणा-विसनगर) में आयोजित इस सम्मान समारोह में ब्र.कु. सरला दीदी जी ने सभी में उमंग उत्साह भरते हुए कहा “नवरात्री की पूर्व संध्या पर आयोजित पवित्र जीवनयात्रा महोत्सव के अंतर्गत पूरे उत्तर गुजरात से मातायें, अधर कुमार, कुमार, कुमारियाँ ऐसे विशिष्ठ रत्त हैं जिन्हों ने कीचड़ में रहते हुए अपने जीवन को कमल पुष्प समान पवित्र बनाया है। परमपिता परमात्मा से प्राप्त हुई ज्ञान-योग की शक्तियों से अपने जीवन में सुख, शांति, समृद्धि की अनुभूति खुद भी कर रहे हैं और औरों को भी करा रहे है। गृहस्थ व्यवहार में रहते हुए, अनेक चुनौतियों का सामना करते हुए यह सिद्ध कर बताया है कि घर में रहते हुए भी व्यवहार एवं परमार्थ का बैलेंस रख सकते हैं।”

ब्र.कु. तृप्ति दीदी ने कहा “भारतीय संस्कृति को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचाने का काम यह माताएं कर रही है। कुमारियाँ शॉ केश की शॉ पीस है जिससे अन्य कुमारियाँ भी प्रेरणायें ले रही है। अधर कुमार कभी यह नहीं समझो कि हम अकेले हैं। परमात्मा हमारा साथी है।”

विसनगर के हनुमान मंदिर के महंत श्री राजारामगीरीजी एवं विसनगर एपीएमसी के चेयरमैन प्रितेश भाई पटेल ने भी इस अवसर पर अपनी शुभकामनाएं व्यक्त की। महेसाणा की वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी कुसुम बहन जी ने सभी का दिल से स्वागत किया। इस कार्यक्रम का महेमानों के हस्तों से दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया गया एवं केक काटकर सम्मान समारोह मनाया गया।

माताओं के लिए वक्तृत्व स्पर्धा (जिसके विषय थे – 1. ब्राह्मण जीवन में पवित्रता का महत्व, 2. घर बने मंदिर, 3. नारी तू नारायणी) एवं  गरबा स्पर्धा, अधर कुमारों के लिए क्विज़, कुमार-कुमारियों के लिए शीघ्र वक्तृत्व स्पर्धा का आयोजन भी किया गया। जिसमें सभी ने बहुत ही उमंग उत्साह से भाग लिया। हर स्पर्धा के प्रथम तीन विजेताओं को मेमेन्टो देकर पुरस्कृत किया गया एवं सभी प्रतिभागी को प्रोत्साहित इनाम भी दिया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने गरबा किया और ब्रह्मा भोजन का आनंद भी लिया।

 

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‘मेरा गाँव, बने महान’ सेवा योजना का प्रारंभ किया गया

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महेसाणा, दिनांकः 05/09/2025, शुक्रवार, सुबह 10.30 से 12.00

 ब्रह्माकुमारीज़ के द्वारा ‘मेरा गाँव, बने महान’ सेवा योजना का प्रारंभ किया गया

 गाँवो में विभिन्न प्रवृत्तियों का आयोजन कर आध्यात्मिकता द्वारा विकास के कार्य किये जायेंगे।

“भारत के गाँव गोपाल, गउ एवं गोपी से बनी मूल्यों से भरी संस्कृति थी। उस समय रास्तों पर एवं घरों में लाइट नहीं थी किन्तु सभी की ज्योत सद्गुणों से भरपूर होने के कारण पूरा गाँव झगमगाता था। सभी सुखी थे। आज सब कुछ होते हुए भी गाँवों की स्थिति दयनीय हो गई है। गाँवों को फिर से महान एवं समृद्ध बनाना हो तो आवश्यकता है आध्यात्मिक मूल्यों की” ब्रह्माकुमारीज़ के कृषि एवं ग्राम विकास प्रभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सरला दीदी जी ने यह उद्गार नवीन सेवा योजना ‘मेरा गाँव, बने महान’ के शुभारंभ अवसर पर व्यक्त किये।ll

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के गुजरात की ईश्वरीय सेवाओं के 60 वर्ष पूर्ण होने पर विद्यालय डायमंड ज्युबिली वर्ष मना रहा है। इसके अंतर्गत आगामी 21 दिसम्बर के दिन विश्व ध्यान दिवस पर विश्व शांति के लिए अहमदाबाद में बड़े रूप से संगठित ध्यान कर विश्व में शांति के प्रकंपन फैलाये जायेंगे। इस के अंतर्गत ब्रह्माकुमारीज़ के कृषि एवं ग्राम विकास प्रभाग द्वारा सितम्बर एवं अक्टूबर मास में ‘मेरा गाँव, बने महान’ योजना अंतर्गत पूरे गुजात के गाँवों के सर्वांगी विकास के लिए 5 सितम्बर शिक्षक दिन पर सेवा का शुभारंभ ब्रह्माकुमारीज़ के गुजरात के सर्व सेवा केन्द्र पर एक साथ रखा गया है। महेसाना में भी ब्रह्माकुमारीज़ के गोडली पैलेस में यह शुभारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस प्रसंग पर कृषि विज्ञान केन्द्र, खेरवा के ll सायन्टीस्ट एवं हेड डॉ. रमेश भाई पटेल ने कहा “प्रकृति एवं जीव का तालमेल हो भी गाँव समृद्ध बनेगा, प्रकृति का आधार मनुष्य के विचार है। मनुष्य के विचार सुधरेंगे तो प्रकृति अपने आप ही सुधर जायेंगी। मनुष्य के विचारों को सुधारने का कार्य यह ब्रह्माकुमारी संस्था कर रही है।”

बागवानी महाविद्यालय, जगुदन के आसीस्टन्ट प्रोफेसर डॉ. हितेष भाई पटेल ने कहा “गाँव का युवा धन अच्छी जगह समय देगा तो वह गाँव को आगे लाने में मदद करेगा” साथ-साथ उन्हों ने गाँव की समृद्धि के लिए प्राकृतिक खेती करने पर जोर दिया। गुजरात सरकार द्वारा ‘वन पण्डित’ एवोर्ड विजेता गणपत युनिवर्सिटी, खेरवा के फार्म मेनेजर अश्विन भाई पटेल ने उपस्थित 100 जितने किसानों को प्राकृतिक खेती कर गाँव को महान बनाने की प्रेरणा दी।

वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी कुसुम बहन ने सर्व महेमानों का शब्दों से स्वागत किया। कुमारी श्री एवं परी ने ग्राम्य संस्कृति को उजागर करते हुए सुंदर गीत पर नृत्य कर सभी को गाँव की याद दिला दी। पूरे कार्यक्रम का सफल मंच संचालन राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी वर्षा बहन ने किया। कार्यक्रम के अंत में दो सरपंचों का सम्मान किया गया एवं सभी महेमानों को ईश्वरीय भेंट अर्पण की गई।


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Rajyoga Thought Lab Training

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महेसाना के गॉडली पैलेस में दो दिवसीय राजयोगा थॉट लेब ट्रेनिंग का हुआ आयोजन

महेसाना सब ज़ोन की 75 ब्रह्माकुमारी बहनों ने प्राप्त किया एडवान्स राजयोग कोर्स जो अनेक व्यक्तियों को राजयोग द्वारा करेंगी मूल्यों से सशक्त।

ब्रह्माकुमारीज़ के शिक्षा प्रभाग द्वारा दिनांक 10-11 मई 2025 हर रोज सुबह 09.00 से शाम 07.30 तक आयोजित इस ट्रेनिंग के उद्घाटन सत्र में विशेष अतिथि प्रकाश भाई पटेल, चेयरमैन, सांकलचंद पटेल यूनिवर्सिटी, विसनगर ने सभी को शुभकामनाएं देते हुए वर्तमान समय यूनिवर्सिटी के छात्रों के स्ट्रेस को दूर करने के लिए ब्रह्माकुमारीज़ के थॉट लेब को अपने युनिवर्सिटी कैम्पस में प्रारंभ करने के लिए आमंत्रित किया। आपने कहा “यह समय की मांग भी है। NEP 2020 में Indian Knowledge System (भारतीय ज्ञान परंपरा) में  ब्रह्माकुमारीज़ के मूल्य शिक्षा को स्थान देना चाहिए।”

ब्रह्माकुमारीज़ महेसाना के गॉडली पैलेस में आयोजित इस ट्रेनिंग में पधारे अतिथि योगेश भाई पटेल, चेयरमैन, आर. जे. इंटरनेशनल स्कूल, महेसाना ने अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा “यह मूल्य और आध्यात्मिक शिक्षा सभी शिक्षा संस्थानों में होनी चाहिए। वर्तमान समय सभी छात्र तनावयुक्त है इसलिए उनको मानसिक स्वस्थ बनाने के लिए यह जरूरी है।”

कार्यक्रम के प्रेरक महेसाना के आदरणीय राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सरला दीदी ने आशीर्वचन देते हुए कहा “शिक्षा प्रभाग की ओर से अविरत कई प्रोजेक्ट पर कार्य हो रहा है। आज थोट लेब की ट्रेनिंग महेसाना में आयोजित की गई है। यहाँ प्रकाश भाई ने अपनी यूनिवर्सिटी में थॉट लेब खोलने का प्रस्ताव रखा है। यह ट्रेनिंग कार्यक्रम की फलश्रुति है।”

राजयोगा थॉट लेब की कोऑर्डिनेटर बी.के. सुप्रिया बहन ने ट्रेनिंग का लक्ष्य और उद्देश्य बताया। कार्यक्रम के प्रारंभ में ब्रह्माकुमारी बहनों द्वारा पुष्प गुच्छ से सभी का स्वागत किया गया। महेसाना की वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी कुसुम बहन ने सभी का दिल के उद्गार के साथ शब्दों से स्वागत किया। एज्युकेशन विंग की कार्यकारी सदस्य एवं अहमदाबाद विवेकानंद कॉलेज ऑफ आर्ट्स की प्राचार्य ब्रह्माकुमारी ममता बहन ने सुचारू रूप से मंच संचालन किया।

शुभारंभ के बाद दो दिन तक राजयोगा थॉट लेब के फैकल्टी बी.के. मुकेश भाई, जयपुर, बी.के. सुप्रिया बहन, माउंट आबू, बी.के. चित्रा बहन, जयपुर ने सभी का उमंग उत्साह के साथ प्रेक्टिल सेशन के साथ ट्रेनिंग दी। ट्रेनिंग के बाद बहनों ने इसका महत्व समझते हुए बहुत अच्छे-अच्छे अनुभव साझा किये।

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