Brahma kumaris Mehsana
6th anniversary of Divya Bhaskar daily newspaper celebrated at Godly Palace in Mehsana
“आज मनुष्य के पास हर प्रकार की समझ है, फिर भी वह गिर रहा है। इसके पीछे मूल कारण यह भूलना है कि मैं कौन हूं। जो वह नहीं है, उसे उसने स्वीकार कर लिया है। इससे जीवन में भय, अवसाद, निराशा पैदा होती है और इसके कारण समाज में नकारात्मकता और घृणा की भावनाएँ बढ़ी हैं।”
उक्त बातें आदरणीय राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सरला दीदी जी ने ब्रह्माकुमारीज के गोडली पैलेस में दिव्य भास्कर दैनिक समाचार पत्र की 16वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में ‘सकारात्मक जीवन शैली’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किये। उन्होंने आगे कहा, “सत्य को जानें और सत्य का स्वीकार कर, यह जानना होगा कि मैं चैतन्य शक्ति हूं। चैतन्य शक्ति अजर, अमर, अविनाशी आत्मा है। अगर आप तनाव से छुटकारा पाना चाहते हैं तो आपको दो काम करने होंगे। एक तो बुरी परिस्थितियों में आत्मविश्वास विकसित करना होगा और दूसरा राजयोग का अध्ययन करना होगा। स्वयं को बदलने से दुनिया बदल जाती है। राजयोग के अभ्यास से मनोबल बढ़ता है। जो किसी भी परिस्थिति का सामना करने का साहस प्रदान करता है।” इस अवसर पर नरनारायण देव अंतर्गत स्वामीनारायण मंदिर के श्री अखंड स्वरूपदासजी स्वामी और एस.जी. महंत श्री नारायण प्रसाद दासजी महाराज ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करायी.
एक्सोटिका स्कूल, मेहसाणा के निदेशक एवं प्रेरक वक्ता रजनीकांतभाई पटेल ने साइबर धोखाधड़ी पर विस्तार से प्रकाश डाला और कहा, “साइबर धोखाधड़ी इन दिनों तनाव का एक प्रमुख कारण बन रही है। भय, लालच और आलस्य साइबर धोखाधड़ी के मुख्य कारण हैं। जो मन दान करने से पहले हजार बार सोचता है, वह धोखाधड़ी का शिकार होने के बारे में एक पल के लिए भी नहीं सोचता। जितना आप दान देने के बारे में सोचते हैं, धोखाधड़ी का शिकार होने से पहले सोचें। यदि आप धोखाधड़ी का शिकार होते हैं तो तुरन्त ही सहायता नंबर 1930 पर संपर्क करते हैं, तो आप काफी हद तक धोखाधड़ी से बच सकते हैं।
मेहसाणा के भव्य दूरदर्शी वक्ता महर्षिभाई हिंगू ने कहा, “हम शांति शब्द का अर्थ भूल गए हैं क्योंकि हमने काम और जीवन के बीच संतुलन खो दिया है। कोई पूछता है तो हम कहते हैं शांति है. लेकिन क्या सचमुच जीवन में शांति है? शांति की परिभाषा बदल गई है. आज हम भौतिक सुख को ही शांति समझते हैं। ॐ के जाप से ही सच्ची शांति है। यदि आप जीवन में शांति चाहते हैं तो सभी कार्यों के बारे में सोच-विचार कर योजना बनाकर कोई भी कार्य करेंगे तो आपको सच्ची शांति मिलेगी।”
सकारात्मक दृष्टिकोण के बारे में बोलते हुए, लेखक और प्रेरक वक्ता नीलेशभाई पटेल ने कहा, “हम अपने विचारों से उतने दुखी नहीं होते जितना दूसरों के विचारों से होते हैं। इस धारणा को बदलना होगा. हमें इस बात की चिंता करने की ज़रूरत नहीं है कि दूसरा व्यक्ति क्या कर रहा है, किस तरह का जीवन जी रहा है। इसके बजाय हमें जो हमारे पास है उसमें खुशी के बारे में सोचना चाहिए।”
वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी कुसुम बहन ने कहा, “हर कोई जीवन में प्रगति करना चाहता है। लेकिन समाज में आगे बढ़ने में दिक्कतें आती हैं. जिसके कारण अक्सर काम में असफलता मिलती है। तब बुरे विचार आते हैं और भय, अवसाद पैदा करते हैं। सकारात्मक जीवन जीना, सकारात्मक विचार लाना इस समय रामबाण इलाज है। जो व्यक्ति कठिनाइयों को स्वीकार कर आगे बढ़ता है उसे सफलता मिलती है। बुरी स्थिति में खुद को समझाएं कि यह समय भी गुजर जाएगा। ”
राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी वर्षा बहन ने सकारात्मक जीवन शैली के बारे में बताते हुए कहा, ”घर में सब कुछ सेट है लेकिन मन अपसेट है उसका कारण नकारात्मक विचार हैं। सुबह उठते ही अपने विचारों को बदलना शुरू कर दें। अगर आप अच्छे विचारों से खुश रहेंगे तो आपके आस-पास के लोग भी खुश रहेंगे। जो विचार ख़ुशी देता है, ज्ञान बढ़ाता है वह सकारात्मक विचार है और जो विचार डर पैदा करता है वह नकारात्मक विचार है।”
इस प्रकार अनेक सकारात्मक एवं समाजोपयोगी सन्देश लोगों तक पहुँचाने के शुभ लक्ष्य के साथ दिव्य भास्कर की टीम ने आध्यात्मिक वातावरण
में दिव्य आत्माओं के सानिध्य में दिव्य भास्कर का 16वाँ वार्षिकोत्सव मनाकर समाज में एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। मेहसाणा शहर के करीब 100 नागरिक इसके गवाह बने।
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Mehsana – Ralisana (Visnagar) पवित्र जीवन यात्रा महोत्सव
पवित्र जीवन यात्रा महोत्सव – 2025 अंतर्गत
मेहसाणा सब ज़ोन के पूरी धारणाओं में चलने वाले माता, अधर कुमार, कुमार, कुमारियों का
सम्मान समारोह
“ऐसे बच्चों को देख भगवान भी आपके आगे नतमस्तक होते हैं – वाह मेरे बच्चे वाह। आपने तो ब्राह्मण कुल का कितना नाम रोशन कर दिया! आप बाबा के सिर्फ लाडले बच्चे ही नहीं बल्कि दिल तख्तनशीन बच्चे हो। और जो दिल तख्तनशीन है वह विश्व तख्त नशीन भी जरूर होगा – यह बाबा का वरदान है।” अपना जीवन पवित्र बनाने वाली माताएं, अधर कुमार, कुमार और कुमारियों के लिए आयोजित सम्मान समारोह में उपस्थित 1500 स्वर्ण ताजधारीओं के सामने उक्त उद्गार व्यक्त करते हुए ब्र.कु. शीलू दीदी जी ने आगे कहा कि भगवान को ऐसे पवित्र योगी बच्चे चाहिए जो भगवान को विश्व परिवर्तन में साथ दें।
नयन रम्य वातावरण में, खेतों के बीच स्थित ‘एन्जल पार्क’ (रालीसणा-विसनगर) में आयोजित इस सम्मान समारोह में ब्र.कु. सरला दीदी जी ने सभी में उमंग उत्साह भरते हुए कहा “नवरात्री की पूर्व संध्या पर आयोजित पवित्र जीवनयात्रा महोत्सव के अंतर्गत पूरे उत्तर गुजरात से मातायें, अधर कुमार, कुमार, कुमारियाँ ऐसे विशिष्ठ रत्त हैं जिन्हों ने कीचड़ में रहते हुए अपने जीवन को कमल पुष्प समान पवित्र बनाया है। परमपिता परमात्मा से प्राप्त हुई ज्ञान-योग की शक्तियों से अपने जीवन में सुख, शांति, समृद्धि की अनुभूति खुद भी कर रहे हैं और औरों को भी करा रहे है। गृहस्थ व्यवहार में रहते हुए, अनेक चुनौतियों का सामना करते हुए यह सिद्ध कर बताया है कि घर में रहते हुए भी व्यवहार एवं परमार्थ का बैलेंस रख सकते हैं।”
ब्र.कु. तृप्ति दीदी ने कहा “भारतीय संस्कृति को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचाने का काम यह माताएं कर रही है। कुमारियाँ शॉ केश की शॉ पीस है जिससे अन्य कुमारियाँ भी प्रेरणायें ले रही है। अधर कुमार कभी यह नहीं समझो कि हम अकेले हैं। परमात्मा हमारा साथी है।”
विसनगर के हनुमान मंदिर के महंत श्री राजारामगीरीजी एवं विसनगर एपीएमसी के चेयरमैन प्रितेश भाई पटेल ने भी इस अवसर पर अपनी शुभकामनाएं व्यक्त की। महेसाणा की वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी कुसुम बहन जी ने सभी का दिल से स्वागत किया। इस कार्यक्रम का महेमानों के हस्तों से दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया गया एवं केक काटकर सम्मान समारोह मनाया गया।
माताओं के लिए वक्तृत्व स्पर्धा (जिसके विषय थे – 1. ब्राह्मण जीवन में पवित्रता का महत्व, 2. घर बने मंदिर, 3. नारी तू नारायणी) एवं गरबा स्पर्धा, अधर कुमारों के लिए क्विज़, कुमार-कुमारियों के लिए शीघ्र वक्तृत्व स्पर्धा का आयोजन भी किया गया। जिसमें सभी ने बहुत ही उमंग उत्साह से भाग लिया। हर स्पर्धा के प्रथम तीन विजेताओं को मेमेन्टो देकर पुरस्कृत किया गया एवं सभी प्रतिभागी को प्रोत्साहित इनाम भी दिया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने गरबा किया और ब्रह्मा भोजन का आनंद भी लिया।
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‘मेरा गाँव, बने महान’ सेवा योजना का प्रारंभ किया गया
महेसाणा, दिनांकः 05/09/2025, शुक्रवार, सुबह 10.30 से 12.00
ब्रह्माकुमारीज़ के द्वारा ‘मेरा गाँव, बने महान’ सेवा योजना का प्रारंभ किया गया
गाँवो में विभिन्न प्रवृत्तियों का आयोजन कर आध्यात्मिकता द्वारा विकास के कार्य किये जायेंगे।
“भारत के गाँव गोपाल, गउ एवं गोपी से बनी मूल्यों से भरी संस्कृति थी। उस समय रास्तों पर एवं घरों में लाइट नहीं थी किन्तु सभी की ज्योत सद्गुणों से भरपूर होने के कारण पूरा गाँव झगमगाता था। सभी सुखी थे। आज सब कुछ होते हुए भी गाँवों की स्थिति दयनीय हो गई है। गाँवों को फिर से महान एवं समृद्ध बनाना हो तो आवश्यकता है आध्यात्मिक मूल्यों की” ब्रह्माकुमारीज़ के कृषि एवं ग्राम विकास प्रभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सरला दीदी जी ने यह उद्गार नवीन सेवा योजना ‘मेरा गाँव, बने महान’ के शुभारंभ अवसर पर व्यक्त किये।ll
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के गुजरात की ईश्वरीय सेवाओं के 60 वर्ष पूर्ण होने पर विद्यालय डायमंड ज्युबिली वर्ष मना रहा है। इसके अंतर्गत आगामी 21 दिसम्बर के दिन विश्व ध्यान दिवस पर विश्व शांति के लिए अहमदाबाद में बड़े रूप से संगठित ध्यान कर विश्व में शांति के प्रकंपन फैलाये जायेंगे। इस के अंतर्गत ब्रह्माकुमारीज़ के कृषि एवं ग्राम विकास प्रभाग द्वारा सितम्बर एवं अक्टूबर मास में ‘मेरा गाँव, बने महान’ योजना अंतर्गत पूरे गुजात के गाँवों के सर्वांगी विकास के लिए 5 सितम्बर शिक्षक दिन पर सेवा का शुभारंभ ब्रह्माकुमारीज़ के गुजरात के सर्व सेवा केन्द्र पर एक साथ रखा गया है। महेसाना में भी ब्रह्माकुमारीज़ के गोडली पैलेस में यह शुभारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस प्रसंग पर कृषि विज्ञान केन्द्र, खेरवा के ll सायन्टीस्ट एवं हेड डॉ. रमेश भाई पटेल ने कहा “प्रकृति एवं जीव का तालमेल हो भी गाँव समृद्ध बनेगा, प्रकृति का आधार मनुष्य के विचार है। मनुष्य के विचार सुधरेंगे तो प्रकृति अपने आप ही सुधर जायेंगी। मनुष्य के विचारों को सुधारने का कार्य यह ब्रह्माकुमारी संस्था कर रही है।”
बागवानी महाविद्यालय, जगुदन के आसीस्टन्ट प्रोफेसर डॉ. हितेष भाई पटेल ने कहा “गाँव का युवा धन अच्छी जगह समय देगा तो वह गाँव को आगे लाने में मदद करेगा” साथ-साथ उन्हों ने गाँव की समृद्धि के लिए प्राकृतिक खेती करने पर जोर दिया। गुजरात सरकार द्वारा ‘वन पण्डित’ एवोर्ड विजेता गणपत युनिवर्सिटी, खेरवा के फार्म मेनेजर अश्विन भाई पटेल ने उपस्थित 100 जितने किसानों को प्राकृतिक खेती कर गाँव को महान बनाने की प्रेरणा दी।
वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी कुसुम बहन ने सर्व महेमानों का शब्दों से स्वागत किया। कुमारी श्री एवं परी ने ग्राम्य संस्कृति को उजागर करते हुए सुंदर गीत पर नृत्य कर सभी को गाँव की याद दिला दी। पूरे कार्यक्रम का सफल मंच संचालन राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी वर्षा बहन ने किया। कार्यक्रम के अंत में दो सरपंचों का सम्मान किया गया एवं सभी महेमानों को ईश्वरीय भेंट अर्पण की गई।
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Rajyoga Thought Lab Training
महेसाना के गॉडली पैलेस में दो दिवसीय राजयोगा थॉट लेब ट्रेनिंग का हुआ आयोजन
महेसाना सब ज़ोन की 75 ब्रह्माकुमारी बहनों ने प्राप्त किया एडवान्स राजयोग कोर्स जो अनेक व्यक्तियों को राजयोग द्वारा करेंगी मूल्यों से सशक्त।
ब्रह्माकुमारीज़ के शिक्षा प्रभाग द्वारा दिनांक 10-11 मई 2025 हर रोज सुबह 09.00 से शाम 07.30 तक आयोजित इस ट्रेनिंग के उद्घाटन सत्र में विशेष अतिथि प्रकाश भाई पटेल, चेयरमैन, सांकलचंद पटेल यूनिवर्सिटी, विसनगर ने सभी को शुभकामनाएं देते हुए वर्तमान समय यूनिवर्सिटी के छात्रों के स्ट्रेस को दूर करने के लिए ब्रह्माकुमारीज़ के थॉट लेब को अपने युनिवर्सिटी कैम्पस में प्रारंभ करने के लिए आमंत्रित किया। आपने कहा “यह समय की मांग भी है। NEP 2020 में Indian Knowledge System (भारतीय ज्ञान परंपरा) में ब्रह्माकुमारीज़ के मूल्य शिक्षा को स्थान देना चाहिए।”
ब्रह्माकुमारीज़ महेसाना के गॉडली पैलेस में आयोजित इस ट्रेनिंग में पधारे अतिथि योगेश भाई पटेल, चेयरमैन, आर. जे. इंटरनेशनल स्कूल, महेसाना ने अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा “यह मूल्य और आध्यात्मिक शिक्षा सभी शिक्षा संस्थानों में होनी चाहिए। वर्तमान समय सभी छात्र तनावयुक्त है इसलिए उनको मानसिक स्वस्थ बनाने के लिए यह जरूरी है।”
कार्यक्रम के प्रेरक महेसाना के आदरणीय राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सरला दीदी ने आशीर्वचन देते हुए कहा “शिक्षा प्रभाग की ओर से अविरत कई प्रोजेक्ट पर कार्य हो रहा है। आज थोट लेब की ट्रेनिंग महेसाना में आयोजित की गई है। यहाँ प्रकाश भाई ने अपनी यूनिवर्सिटी में थॉट लेब खोलने का प्रस्ताव रखा है। यह ट्रेनिंग कार्यक्रम की फलश्रुति है।”
राजयोगा थॉट लेब की कोऑर्डिनेटर बी.के. सुप्रिया बहन ने ट्रेनिंग का लक्ष्य और उद्देश्य बताया। कार्यक्रम के प्रारंभ में ब्रह्माकुमारी बहनों द्वारा पुष्प गुच्छ से सभी का स्वागत किया गया। महेसाना की वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी कुसुम बहन ने सभी का दिल के उद्गार के साथ शब्दों से स्वागत किया। एज्युकेशन विंग की कार्यकारी सदस्य एवं अहमदाबाद विवेकानंद कॉलेज ऑफ आर्ट्स की प्राचार्य ब्रह्माकुमारी ममता बहन ने सुचारू रूप से मंच संचालन किया।
शुभारंभ के बाद दो दिन तक राजयोगा थॉट लेब के फैकल्टी बी.के. मुकेश भाई, जयपुर, बी.के. सुप्रिया बहन, माउंट आबू, बी.के. चित्रा बहन, जयपुर ने सभी का उमंग उत्साह के साथ प्रेक्टिल सेशन के साथ ट्रेनिंग दी। ट्रेनिंग के बाद बहनों ने इसका महत्व समझते हुए बहुत अच्छे-अच्छे अनुभव साझा किये।
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